Friday, February 23, 2024
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जगदीप धनखड़ का जीवन परिचय, जाने कैसे बने उपराष्ट्रपति | Jagdeep dhankhar biography in hindi

Jagdeep dhankhar kon hai : नमस्कार दोस्तों, आज इस लेख में हम आपको भारत के 14वें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के बारे में बताने जा रहे हैं जो कि 6 अगस्त 2022 में बतौर उप राष्ट्रपति चुने गए हैं जगदीप धनखड़ एक भारतीय राजनीतिक होने के साथ ही कुशल वकील भी रहे हैं।

यह भारतीय जनता पार्टी के सदस्य भी रह चुके हैं इन्होंने पश्चिम बंगाल में राज्यपाल के पद पर भी काम किया है साथ यह केंद्रीय मंत्री के पद पर भी काम कर चुके हैं।

दोस्तों आज इस लेख में हम आपको बताएंगे कि जगदीप धाकड़ कौन हैं और उनका जीवन कैसा रहा उपराष्ट्रपति बनने के लिए उन्होंने किन-किन संघर्षों का सामना किया। उन्होंने अपने जीवन में कई प्रकार की  परेशानियों का सामना करा था जब जाते थे एक सफल इंसान बने थे उन्होंने आईएएस ऑफिसर बनने का सपना देखा था.

यदि आप भारतीय जनता पार्टी के अनुभवी राजनेता के बारे में और अधिक जानना चाहते हैं तो इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें।

जगदीप धनखड़ का जीवन परिचय| Jagdeep dhankhar biography in hindi 

नामजगदीप धनखड़
जन्म18 मई 1951
जन्म स्थानकिठाना, झुंझुनू जिला, राजस्थान, भारत
व्यवसायराजनेता और वकील
जातिजाट
राजनीतिक पार्टीभारतीय जनता पार्टी
स्कूल का नामशासकीय प्राथमिक विधालय
नागरिकताभारतीय
आयु72 साल
धर्महिंदू

जगदीप धनखड़ का जन्म (Jagdeep dhankhar ka Birth)

जगदीप धनखड़ का जन्म भारत के राज्य राजस्थान के झुंझुनू जिला एक छोटे से किठाना गांव में 18 मई 1951 को एक मध्यमवर्गीय जाट परिवार में हुआ था। इसी गांव में उनका लालन-पालन हुआ और उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भी यहीं से प्राप्त की थी।

 जगदीप धनखड़ का परिवार (Jagdeep dhankhar Family)

नामजगदीप धनखड़
पिता का नामचौधरी गोकल चंद
माता का नामकेसरी देवी
बहन का नामइंद्र धनकड़
भाई का नामकुलदीप धनकड़, रणदीप धनकड़
पत्नी का नामडॉ. सुदेश धनकड़

जगदीप धनखड़ की शिक्षा (Jagdeep dhankhar Education)

जगदीप धनखड़ का जन्म एक छोटे से गांव ठिकाना में हुआ था और उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भी इसी गांव से प्राप्त की है इसके बाद उन्होंने कक्षा छठवीं से दूसरे स्कूल में एडमिशन ले लिया था। जिसके कारण उन्हें काफी पैदल चलकर जाना पड़ता था।

जगदीप धनखड़ पढ़ने में बहुत होशियार थे इसलिए इनका चयन 1962 में चित्तौड़गढ़ के सैनिक स्कूल में हो गया और उन्होंने आगे की पढ़ाई यहीं से पूरी की थी। जगदीप धनखड़ ने अपना ग्रेजुएशन राजस्थान विश्वविद्यालय से किया इन्होंने बीएससी फिजिक्स ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की थी।

इसके बाद इन्होंने  इसी कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई की और 1979 में एलएलबी की डिग्री को हासिल कर लिया। इन्होंने राजस्थान की हाईकोर्ट में वकील के तौर पर सीनियर एडवोकेट के पद पर काम किया।

इन्होंने अपनी बात करते समय सुप्रीम कोर्ट से लेकर देश  के अलग-अलग हाई कोर्ट से कई तरह  के केस लड़े साल 1988 में जगदीप का नाम देशों में जोड़ा गया था। परंतु इसके बाद उन्होंने वकालत को छोड़कर राजनीति में जाने का फैसला ले लिया।

जगदीप धनखड़ का वैवाहिक जीवन (Jagdeep dhankhar Marraige)

जगदीप धनखड़ की पत्नी का नाम सुदेश धनखड़ है जो कि 1979 में 1 गांव के प्रसिद्ध कॉलेज में पढ़ाती थी वहीं दोनों की मुलाकात हुई और इन्होंने 1979 मैं अपने परिवार की रजामंदी से शादी कर ली यह दोनों अपने दांपत्य जीवन में काफी ज्यादा खुश थे। 

इस शादी से ने एक बेटी भी है जिसका नाम कामना धनखड़ है इनकी पत्नी सुदेश धनकड़ को  जैविक खेती करना बहुत पसंद है और साथ ही यह सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती हैं। सुदेश धनखड़ को लंबी यात्राएं करने का भी शौक है।

जगदीप धनखड़ का राजनीतिक सफर (Jagdeep dhankhar political Career)

राजनीति में कदम रखने से पहले जगदीप धनखड़ एक फेमस वकील थे सन 1989 में पहली बार  इन्होंने झुंझुनू के सांसद के पद के लिए जनता दल की तरफ से चुनाव लड़ा और इन्हीं सांसद के रूप में चुन लिया गया इसके बाद राजनीति का सिलसिला चलता रहा और राजस्थान के किशनगढ़ से इन्हें विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में 1993 में चुना गया।

इसके बाद इन्होंने राजस्थान राज्य की जाट समाज के साथ अन्य बाइक की पिछले लोगों के लिए कई सामाजिक कदम उठाएं जिनके कारण इन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा परंतु फिर भी इनकी मेहनत रंग लाई। 

साल 2019 में भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारत  संविधान के अनुच्छेद 155 के माध्यम से यह आदेश जारी कर दिया और जाट समुदाय को ओबीसी का दर्जा दे दिया गया।

जगदीप धनखड़ पर विवाद (Jagdeep dhankhar controversy)

  • टीएमसी और जगदीप धनखड़ के बीच हमेशा खींचातानी चलती रहती है और वह हमेशा टीएमसी पर निशाना साधते हुए कुछ ना कुछ टिप्पणी करते हैं जिसके कारण अक्सर विवादों में घिरे रहते हैं।
  •  2019 में राज्यपाल के द्वारा जादवपुर विद्यालय के कर्मचारी संघ को प्रवेश करने से रोका गया था जिसके कारण यह विवाद में पड़ गए थे।
  • राज्यपाल ने 2020 में अपनी निज निवास पर राज्य की कालेज को लेकर बैठक बुलाई थी जिसकी ने जांच के आदेश दिए थे इस मुद्दे को भी काफी उछाला गया और  इन्हीं निशाना बनाया गया।

जगदीप धनखड़ भारत के 14वें उपराष्ट्रपति 

अभी हाल ही में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भारत के उपराष्ट्रपति के लिए जगदीप धनखड़ का नाम बताया था और एनडीए की सरकार भी इसके लिए सहमत थी जब राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट डाले जा रहे थे। 

सबसे पहला वोट भारत के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी ने डाला और इसके अलावा भारत की पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह भी व्हीलचेयर पर वोट देने के लिए पहुंचे और सब लोगों ने इस महान हस्ती को 6 अगस्त 2022 के दिन भारत के 14वें  उपराष्ट्रपति के रूप में स्वीकार किया था।

जगदीप धनखड़ सोशल मीडिया की जानकारी (Jagdeep Dhankhar’s Social Media Account)

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अंतिम शब्दों में

दोस्तों इस लेख में हमने आपको भारत के  14 उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के जीवन परिचय के बारे में विस्तार से सभी जानकारी बताई हैं हाल ही में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने साल 2022 में भारत का उपराष्ट्रपति बनने की घोषणा की थी।

उन्होंने अपने जीवन में बहुत ज्यादा संघर्ष किया है हमने उनके जीवन से जुड़ी सभी बातें इस लेख में साझा की है। ऐसे सामान्य परिवार में जन्म लेने के बाद उन्होंने अपने जीवन में इतनी बड़ी सफलता प्राप्त की है।

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